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Showing posts from December, 2017

बी एस एन एल कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू

देहरादून:गुस्साएं बीएसएनएल कर्मचारियों ने तीसरे वेतनमान का लाभ न मिलने से समस्त एसोसिएशनों में आज से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दिया है। एसोसिएशनों की मांग है कि बीएसएनएल कर्मियों व अधिकारियों को तीसरा वेतनमान 15 प्रतिशत फिटनमेंट के साथ दिया जाए। दूसरे पीआरसी के बकाया मुद्दों को जल्द से जल्द हल किया जाएगा।साथ ही बीएसएनएल में सहायक टावर कंपनी का गठन बंद करने की मांग भी की। बीएसएनएल कर्मियों के हड़ताल में रहने से कार्य भी प्रभावित होने लगे हैं। नैनीताल में आज बीएसएनएल कार्यालय के बाहर बीएसएनएल कर्मियो ने केंद्रीय आव्हान पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की व मांगो के पूरा न होने पर अनिश्चित कालीन आंदोलन पर जाने की बात कही है। बीएसएनएल के राजपुर रोड स्थित विंडलास काम्प्लेक्स के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष अधिकारियों और कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन भी किया है। यह दो दिवसीय हड़ताल बुधवार को भी जारी रहेगी और इसके साथ ही देहरादून के सभी एक्सचेंज में कार्य पूर्ण रूप से ठप कर दिया गया। वक्ताओं ने इस मौके पर कहा है कि प्रमुख मांगों का निराकरण नही होने से कर्मचारियों में व्या...

रेलवे बोर्ड अध्यक्ष लोहानी ने अफसरों को जिम्मेदारी लेने की दी नसीहत

रेलवे बोर्ड अध्यक्ष लोहानी ने अफसरों को जिम्मेदारी लेने की दी नसीहत। जीएम व डीआरएम को लिखे एक दूसरे पत्र में लोहानी ने उनसे घिसापिटा रवैया छोड़ मातहत अफसरों को नए प्रयोगों की छूट देने के लिए प्रेरित किया है। नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने सभी महाप्रबंधकों तथा मंडलीय प्रबंधकों से संरक्षा संबंधी मामलों में व्यक्तिगत तौर पर रुचि लेने तथा खामियों को निर्धारित समय के भीतर दूर करने को कहा है। उन्होंने उत्साही अधिकारियों को नए प्रयोगों की छूट देने में आनाकानी करने के खिलाफ भी जीएम व डीआरएम को आगाह किया है। जीएम तथा डीआरएम को लिखी चिट्ठी में लोहानी ने कहा है कि रेलवे में संरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में कई स्तरों पर निगरानी व जांच की व्यवस्था है। इसके अलावा संरक्षा विभाग अलग से इनके कार्यो की अपने स्तर पर सुपर जांच करता है। जिसके तहत समय-समय पर औचक निरीक्षण, संरक्षा ऑडिट तथा संयुक्त निरीक्षण की कार्रवाइयां की जाती हैं। इसके अलावा संरक्षा विभाग रेलवे बोर्ड द्वारा जारी विभिन्न नियमों तथा दिशानिर्देशों के का...

जानते थे लोग मर रहे हैं फिर भी पिता जी ड्यूटी करने गए।

घर में पत्नी बच्चें उल्टियां कर रहे थे, फिर भी डयूटी करते हुए शहादत देने वाले उन 45 रेलसेवकों को शैलूट करते हैं। जिन्होंने लाखों लोगों का जान बचाने में अपनी कुर्बानी दी                                   तारीखें बदल जाती हैं और तारीखों के बदलने के साथ समय, स्टेशन, स्थानों और सड़कों पर आने - जाने वाले लोग भी बदल जाते हैं। समय के फेर में कई बातें खो जाया करती हैं लेकिन, कुछ घटनाऐं ऐसी होती हैं जो इतिहास के पन्नों पर सकारात्मक तौर, पर याद की जाती हैं तो कुछ घटनाऐं काले दिन के रूप में स्मरण हो आया करती हैं। आप जानते हैं कि, आज ऐसा कौन सा दिन है, नहीं तो फिर जान लीजिए, आज का दिन जाना जाता है, भोपाल के उस कारखाने के लिए, जिसमें स्थापित किया गया संयंत्र मौजूदा समय में जंग खाते हुए टूल्स और मशीनरी के तौर पर नज़र आता है। भारत के मध्य प्रदेश राज्य के भोपाल शहर में 3 दिसम्बर सन् 1984 को एक भयानक औद्योगिक दुर्घटना हुई। इसे भोपाल गैस कांड, या भोपाल गैस त्रासदी के नाम से जाना जाता है। भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड न...